Saturday, 4 February 2012

कहाँ फुर्सत है यहाँ, किसी को तेरे बारे में जानने की !
कहाँ फुर्सत है यहाँ, किसी को तेरे बारे में जानने की !
और तू है की जनता है किसी को यूं, के किसी और को जानने की अब गुंजाईश ही नहीं !!
--Pallav

Thursday, 2 February 2012

आँखे नम है तो जरुरी नहीं गम है,
आँखे नम है तो जरुरी नहीं गम है !
और कही मुस्कुराहटो के पीछे छुपे, गम ही गम है !!
--Pallav